उपनियम

सभा की परीक्षाएँ :
राष्ट्रभाषा के प्रचार को प्रोत्साहन देने हिन्दी अध्यापकों को तैयार करने , राष्ट्रीय एकता को सुदुढ़ करने , भावनात्मक एकता निर्माण करने तथा राष्ट्रभाषा और उसके उच्चतर अध्ययन को क्रमबद्ध करने के उद्देश से सभा की ओर से निम्न लिखित परीक्षाएँ चलाई जाती हैं।

    (अ) प्रारंभिक परीक्षाएँ :
  1. नागरी बोध
  2. हिंदी प्रवेश
  3. हिंदी प्रथमा
  4. हिंदी मध्यमा
  5. हिंदी उत्तमा
नोट: उच्च परीक्षा केन्द्रों में प्रारंभिक परीक्षायों का संचालन अनिवार्य है ।
    (ब) उच्च परीक्षाएँ :
  1. हिंदी विशारद (एस.एस.सी.समकक्ष)
  2. हिंदी भूषण (इण्टर समकक्ष)
  3. हिंदी विद्वान (बी ए समकक्ष)
  4. हिंदी शिक्षक प्रशिक्षण(बी.एड. समकक्ष)
नागरी बोध से हिंदी विद्वान तक की परीक्षाएं प्रतिवर्ष दो बार फरवरी/मार्च और अगस्त /सितम्बर मास में सभा द्वारा मान्य केन्द्रों में ली जायेंगी । परीक्षा तिथि की सूचना सत्र प्रारंभ के पूर्व केंद्र व्यवस्थापकों के पास भेजी जायेगी तथा स्थानीय समाचार - पत्रों में प्रकाशित की जायेगी ।

दिनांक ०१-१२-९६ को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त दक्षिण भारत की सभी हिंदी संस्थाओं की बैठक हुई । उसमें सभी हिंदी संस्थाओं की परीक्षायों के शुल्क में एक रूपता लाने की दृष्टि से परिवर्तन किया गया है ।


"यदि आप सफलता चाहते हैं तो इसे अपना लक्ष्य ना बनाइये, सिर्फ वो करिए जो करना आपको अच्छा लगता है और जिसमे आपको विश्वास है, और खुद-बखुद आपको सफलता मिलेगी|"

"सफल होने के लिए, सफलता की इच्छा, असफलता के भय से अधिक  होनी चाहिए|"